सामान्य ज्ञान
भारत का भूगोल-6
अध्याय-2
भारत की भौतिक संरचना
1-भारत में किस क्रम की चट्टानों में पेट्रोलियम पदार्थ पाए जाते हैं -टरशियरी क्रम।
2-कश्मीर घाटी का निर्माण किस काल में हुआ था -प्लिस्टोसीन काल में
3-कायांतरित चट्टानों का क्रम किसे कहा जाता है -आर्कियन समूह की शैलों को।
4-पृथ्वी के धरातल पर सबसे व्यापक हिमनद कौन सा था -प्लिस्टोसीन हिमनद।
5-भारत में प्रथम ज्वालामुखी क्रिया किस युग में हुई -धारवाड़ युग।
6-प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया -हैरी हेस।
7-भारत में रूर प्रदेश की उपमा किसे दी गई है -छोटा नागपुर पठार।
8-अंगारालैंड तथा गोंडवानालैंड को कौन सी भूसन्नति अलग करती है -टेथिस।
9-किस प्रकार की शैलों के समूह को आधार सम्मिश्र की उपमा दी गई है -आर्कियन समूह।
10-अजैविक, पूर्णतः रवेदार, अत्यधिक भ्रंशित, फोलियटेड एवं पातालिक लक्षणों से युक्त किस क्रम की चट्टानें हैं -आर्कियन समूह।
11-भारतीय पुराण समूह की शैलें यूरोपियन भूगर्भिक इतिहास के किस युग का प्रतिनिधित्व करती हैं -प्रोटेरोजोइक युग।
12-असम में दिहांग सरीज हिमालय के किस भाग का प्रतिनिधित्व करता है -शिवालिक क्रम हिमालय की
13-देश की वर्तमान स्थलाकृति कब सुनिश्चित हुई -प्लीस्टोसीन युग में।
14-दिल्ली क्रम की शैली किस क्रम की चट्टानों की बनी है -कुडप्पा क्रम की।
15-पन्ना तथा गोलकुंडा की प्रसिद्ध खाने हीरों के लिए विख्यात हैं यह किस क्रम की शैली से संबंधित हैं -विंध्यन कांगलो मरेट से।
16-भूगर्भिक दृष्टि से अंगारालैंड एवं गोंडवानालैंड का मिलन स्थल है -भारतीय उपमहाद्वीप।
17-गोंडवाना क्रम का निर्माण किस अवधि में हुआ था -ऊपरी काबोनीफेरस से जुरासिक युग की दीर्घ अवधि में।
18-किस भाग की उनमग्नता के कारण ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह बदलकर पूर्व की ओर हो गया एक विशाल क्षेत्र अल्ला बंद के कारण (पाकिस्तान)
19-राजस्थान में तांबा, कोबाल्ट तथा रंगा किस समूह की शैलों से प्राप्त होता है -कुड़प्पा समूह।
20-दक्कन ट्रैप का निर्माण मुख्यतः हुआ है -बेसाल्टीय चट्टानों से।
21-राजस्थान का मरुस्थलीय भाग भूगर्भिंक संरचना की दृष्टि से किस का विस्तार है -प्रायद्वीपीय पठार का
22-मालाबार तट की विशेष स्थलाकृति है -कयाल(बैक वाटर)।
23-प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार हिमालय की उत्पत्ति दो महाद्वीपों के आपस में टकराने से हुई है।
24-वैज्ञानिक अनुसंधान से यह ज्ञात हुआ है कि आज जहां हिमालय पर्वत पर स्थित है वहां एक विशाल सागर टैथिस स्थित था।
25-टैथिस सागर के उत्तर में एक महाद्वीप स्थित था जिसे अंगारा भूमि कहते हैं।
26-संसार के अन्य क्षेत्रों की भांति भारत में भी मोड़दार पर्वतों की उत्पत्ति चार अवस्थाओं में हुई है।
27-भारत में प्रथम चरण में अरावली पर्वत की उत्पत्ति हुई जो सर्वाधिक पुराना तथा पूर्व कैम्बियन युगीन धारवाड़ियन चट्टानों से निर्मित है।
28-भारत में द्वितीय चरण में कैलीडोनियन युगीन पर्वतों की उत्पत्ति हुई।
29-भारत में तीसरे चरण में हर्सीनियन युगीन पर्वतों का निर्माण हुआ।
30-विध्यांचल एवं सतपुड़ा के मध्य एक भ्रंश घाटी स्थित है, जिसमें नर्मदा नदी पूरब से पश्चिम प्रवाहित होती है।
31-उपर्युक्त कारण से ही विध्यांचल एवं सतपुड़ा को मोड़दार पर्वत होने के बावजूद भं्रशित पर्वत भी कहा जाता है।
32-भारत में चैथे चरण में अल्पाइन क्रम की चट्टानों का निर्माण हुआ, जिसमें भारत में वृहद्, मध्य तथा शिवालिक हिमालय श्रेणियाँ आती हैं।
33-प्रायद्वीपीय भारत गोडवानालैण्ड का ही एक भाग है।
34-आर्कियन क्रम की चट्टानों का निर्माण तब हुआ जब पृथ्वी सबसे पहले ठंडी हुई। अर्थात यह मानव जीवन से भी पुरानी हैं।
35-आर्कियन क्रम की चट्टानें रवेदार हैं जिनमें जीवावशेष का अभाव है।
36-आर्कियन क्रम की चट्टानों का विस्तार कर्नाटक, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, छोटा नागपुर का पठार तक है।
37-धारवाड़ क्रम की चट्टानों का निर्माण आर्कियन क्रम की चट्टानों के अपरदन व निक्षेपण से हुआ, ये परतदार चट्टानें हैं।
38-धारवाड़ क्रम की चट्टानों में जीवाश्म नहीं मिलते हैं।
39-धारवाड़ क्रम की चट्टानों का जन्म कर्नाटक के धारवाड़, बेलारी व शिमोगा जिलों में हुआ।
40-धारवाड़ क्रम की चट्टानें प्रायद्वीप व बाह्य प्रायद्वीप दोनांे में ही पायी जाती हैं।
41-धारवाड़ क्रम की चट्टानें भारत में पायी जाने वाली चट्टानों में आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण चट्टानें हैं। देश की लगभग सभी प्रमुख धातुएं इन्हीं चट्टानों में पायी जाती हैं।
42-धारवाड़ काल में ही अरावली पहाड़ियों का निर्माण मोड़दार पर्वतों के रूप में हुआ था।
43-अरावली पर्वत संसार का सबसे पुराना मोड़दार पर्वत है।
44-कुड़प्पा क्रम की चट्टानों का निर्माण धारवाड़ क्रम की चट्टानों के अपरदन व निक्षेपण से हुआ है।
45- कुड़प्पा क्रम की चट्टानों में भी जीवाश्म का अभाव है।
46-कुड़प्पा क्रम की चट्टानों का नामकरण आन्ध्र प्रदेश के कुड़प्पा जिले के नाम पर हुआ है।
47-विन्ध्यक्रम की चट्टानें कुड़प्पा चट्टानों के बाद बनी हैं।
48- विन्ध्यक्रम की चट्टानों का नाम विन्ध्यांचल के नाम पर पड़ा है।
49-विन्ध्यक्रम की चट्टानें परतदार चट्टानें हैं, जिनका निर्माण जल निक्षेपों के द्वारा हुआ।
50-विन्ध्यक्रम की चट्टानें लगभग एक लाख वर्ग किमी0 क्षेत्र में फैली हैं।
राजेश जोशी।
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